फर्रुखाबाद का लाल शहीद : लेह में ग्लेशियर की चपेट में आए हवलदार कुलदीप यादव का निधन, घर में मचा कोहराम

जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव कलौली के रहने वाले हवलदार कुलदीप यादव (34) लेह में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे। कुलदीप नासिक के 872 लाइट रेजिमेंट तोपखाना में तैनात थे और इन दिनों उनकी यूनिट पाकिस्तान बॉर्डर पर ग्लेशियर जाने के लिए लेह के पत्तापुर में ट्रेनिंग कर रही थी। 2 मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे जब वह यूनिट ऑफिस में रिपोर्टिंग करके वापस आ रहे थे, तभी अचानक ग्लेशियर गिरने से वह उसके नीचे दब गए। साथी जवानों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया।

फर्रुखाबाद
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इलाज के बाद लौटे थे काम पर, गेट पर ही हो गए बेहोश

ग्लेशियर हादसे के बाद अस्पताल में इलाज कराकर कुलदीप यादव स्वस्थ होकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। गुरुवार को जब वह रिपोर्टिंग के लिए यूनिट ऑफिस के गेट पर पहुंचे, तो अचानक वह फिर से बेहोश होकर गिर पड़े। सेना के अधिकारियों ने उन्हें तुरंत लेह के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; गुरुवार रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। रात 11 बजे जैसे ही परिजनों को इसकी सूचना मिली, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।

2011 में सेना में हुए थे भर्ती, पीछे छोड़ गए रोता-बिलखता परिवार

कुलदीप यादव का सेना से पुराना नाता था, वह वर्ष 2011 में फतेहगढ़ में हुई सेना भर्ती के जरिए देश सेवा में शामिल हुए थे। वह अपने सात भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनकी मौत की खबर से पिता महेंद्र सिंह यादव, माता गेंदा देवी और पत्नी प्रियंका यादव का बुरा हाल है। कुलदीप अपने पीछे एक पुत्री मन्नत और पुत्र राम को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। शनिवार दोपहर तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कलौली पहुंचने की उम्मीद है, जहाँ पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 

 

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