फर्रुखाबाद के शमशाबाद ब्लॉक क्षेत्र में रविवार को ग्रामीणों ने ढाई घाट पुल के पास गंगा तटबंध (बांध) निर्माण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इस साल आई बाढ़ से इलाके के कई गांव एक महीने तक जलमग्न रहे, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

‘गंगा बांध संघर्ष मोर्चा’ बना, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
स्थानीय लोगों ने ‘गंगा बांध संघर्ष मोर्चा’ का गठन किया है। इस आंदोलन की अगुवाई जिला पंचायत सदस्य संगठन शाहजहांपुर के अध्यक्ष राजकुमार राठौर कर रहे हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग है — शमशाबाद से अमृतपुर तक गंगा के किनारे मजबूत बांध बनाया जाए, ताकि भविष्य में बाढ़ से गांवों को राहत मिल सके।

प्रशासन से बातचीत नाकाम, धरना जारी
प्रदर्शन की खबर मिलते ही थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार और सीओ राजेश कुमार द्विवेदी भी पहुंचे, मगर बातचीत बेनतीजा रही। देर शाम तक धरना जारी रहा और ग्रामीणों ने कहा — “जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन खत्म नहीं होगा।”

15 दिन पहले सौंपा था ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि 10 अक्टूबर को उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर अब उन्होंने धरना शुरू कर दिया है। एसडीएम अतुल कुमार ने बताया — “ग्रामीणों की मांग शासन को भेजी जाएगी, लेकिन यह धरना बिना अनुमति के है, इसलिए कार्रवाई भी की जाएगी।”













