जनपद फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक चिंतामणि तालाब में नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव कांधे मई मिलकिया निवासी मुलयम सिंह यादव का 20 वर्षीय पुत्र अंकित यादव अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ तालाब में नहाने गया था। तीनों लोग पानी में मस्ती कर रहे थे कि तभी अचानक अंकित का पैर फिसला और वह देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया।

देवदूत बनकर कूदे ग्रामीण, 10 मिनट की मशक्कत के बाद भी नहीं बची जान
अंकित को डूबता देख परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पास के ही गांव नगला नान निवासी छोटे पाठक, अनुज अवस्थी और राजीव अवस्थी अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में कूद गए। ग्रामीणों ने करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद अंकित को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अंकित की सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही शमशाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
बुझ गया मां-बाप की आंखों का तारा, होनहार बेटे की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
बता दें कि अंकित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और फर्रुखाबाद के एक कॉलेज से बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। वह पढ़-लिखकर फार्मासिस्ट बनना चाहता था, ताकि अपने शिक्षामित्र पिता मुलायम सिंह का सहारा बन सके। युवक की मौत की सूचना पर मां सुमन देवी और बहन सालनी व एकता का रो-रो कर बुरा हाल है।


















