दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। शमसाबाद के शुकुरुल्लाहपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बना नया ओवरब्रिज ओवरलोड वाहनों के चलते क्षतिग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि 100 से 150 टन वजन लेकर गुजरने वाले भारी ट्रकों की वजह से पुल के मुख्य जॉइंट्स में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में बुधवार दोपहर को पुल पर मिट्टी डलवाकर दोनों तरफ से रास्ता बंद कर दिया। पुल टूटने की खबर से इस रूट पर चलने वाले राहगीरों में हड़कंप मच गया है।

दिन-रात चल रहा मरम्मत का काम, अधिकारियों का बड़ा दावा
पुल बंद होने के तुरंत बाद गुरुवार सुबह से ही ओवरब्रिज के दोनों मुख्य जॉइंट्स को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पहले ही दिन मरम्मत का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। सेतु निगम और रेलवे की टीमें लगातार पैचवर्क और वेल्डिंग के काम में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 11 जुलाई तक मरम्मत का काम पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही इस रास्ते पर दोबारा वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी।
नया-नवेला पुल, लेकिन चंद महीनों में 4 बार हो चुकी है मरम्मत
चौंकाने वाली बात यह है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण नवंबर 2023 में ही पूरा हुआ था और फरवरी 2024 में इसका भव्य लोकार्पण किया गया था। लेकिन महज कुछ महीनों के भीतर ही यह पुल तीन से चार बार मरम्मत की मार झेल चुका है। रेलवे द्वारा बनाए गए 36 से 42 मीटर वाले हिस्से के मुख्य जॉइंट में ही 6 जुलाई को दोबारा खराबी आई। हालांकि अधिकारी इस पुल को ए-ग्रेड का बता रहे हैं, लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा ओवरलोड गाड़ियां इस नए पुल के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं।

भारी जाम से बचना है तो नोट कर लें पुलिस का यह नया रास्ता
ओवरब्रिज पूरी तरह बंद होने के कारण दिल्ली-फर्रुखाबाद रूट पर चलने वाली गाड़ियों के पहिए थम न जाएं, इसके लिए पुलिस ने नया रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। गांव हजियांपुर के पास पुलिस ने मजबूत बैरिकेडिंग की है। फर्रुखाबाद से आने वाले सभी बड़े और भारी वाहनों को अब हजियांपुर से नवाबगंज की तरफ मोड़ा जा रहा है। इसी तरह नवाबगंज की ओर से आने वाले वाहनों को भी डायवर्ट करके वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है, ताकि लोगों को लंबे और कष्टदायक जाम से बचाया जा सके।



















