जनपद फर्रुखाबाद से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार की तड़के जब पूरा शहर गहरी नींद में सोया हुआ था, ठीक सुबह 6 बजे डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीमों ने एक साथ तंबाकू कारोबारी और उनके कर्मचारियों के ठिकानों पर धावा बोल दिया। लगभग एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ जब केंद्रीय अधिकारियों की टीम कायमगंज तहसील क्षेत्र और शमसाबाद में दाखिल हुई, तो स्थानीय लोगों के होश उड़ गए। किसी को भनक तक नहीं थी कि इतनी बड़ी छापा मार करवाई होने जा रही है। टीम ने सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सबसे पहले सभी ठिकानों के मुख्य द्वारों को अपने कब्जे में लिया और उन्हें तुरंत लॉक कर दिया, ताकि अंदर से कोई भी बाहर न जा सके और न ही बाहर का कोई शख्स अंदर आ सके।

शंख छाप तंबाकू के गोदाम पर ताला, नोएडा में बैठे मालिक की धड़कनें तेज
DGGI की इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र शमसाबाद-फैजबाग रोड पर स्थित मशहूर ‘शंख छाप तंबाकू’ का गोदाम बना। जैसे ही अफसरों की गाड़ियां गोदाम के बाहर आकर रुकीं, वहां तैनात कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने फौरन पूरे परिसर को घेर लिया और गेट बंद कर अंदर छानबीन शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इस तंबाकू साम्राज्य के असली मालिक कृष्ण गोपाल रस्तोगी हैं, जो वर्तमान में दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में आलीशान जिंदगी जी रहे हैं। मालिक भले ही नोएडा में हों, लेकिन उनके फर्रुखाबाद स्थित ठिकानों पर चल रही इस ताबड़तोड़ छापेमारी ने दिल्ली-एनसीआर तक खलबली मचा दी है। टीम यहां मुख्य रूप से स्टॉक रजिस्टर, कच्चे-पक्के बिल और कंप्यूटर हार्ड डिस्क को खंगाल रही है ताकि टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

मुनीमों के घरों में घुसी टीम, आलमारियों में छिपे राज उगलवाने की कोशिश
केंद्रीय जांच एजेंसी केवल बड़े मालिकों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इस काले खेल की जमीनी चाबी रखने वाले वफादार मुनीमों और करीबियों पर भी शिकंजा कस दिया गया है। DGGI की दो विशेष टीमों ने तुरंत ताड़ वाली हवेली का रुख किया, जहां शंख छाप तंबाकू के मुख्य मुनीम अखिलेश मिश्रा और संजू शाक्य के घरों की सघन तलाशी ली गई। मोहल्ला लाड़मपुर और मोहल्ला मूलचंद्र में हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके के लोग खिड़कियों से झांकने को मजबूर हो गए। मुनीमों के घरों में रखे एक-एक बक्से, लॉकर और वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। माना जा रहा है कि टैक्स चोरी और अघोषित कमाई के असली राज इन्हीं मुनीमों के बही-खातों में दबे हुए हैं।

सोते रह गए कारोबारी अभिषेक अग्रवाल, पत्नी ने जैसे ही खोला दरवाजा, अंदर दाखिल हुए अफसर
इस बड़ी कार्रवाई का एक बेहद दिलचस्प और फिल्मी नजारा कायमगंज नगर के मोहल्ला पाठक में देखने को मिला। यहां के बड़े तंबाकू कारोबारी अभिषेक अग्रवाल अपने घर में बेफिक्र होकर सो रहे थे। सुबह-सुबह अचानक उनके दरवाजे की घंटी लगातार बजने लगी। घबराकर जब उनकी पत्नी ने मुख्य दरवाजा खोला, तो सामने अधिकारियों की पूरी फौज खड़ी थी। पत्नी कुछ समझ पाती, इससे पहले ही जांच अधिकारी पूरी शालीनता लेकिन कड़ाई के साथ घर के अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने तुरंत मुख्य गेट को भीतर से बंद कर लिया। इस औचक कार्रवाई से अभिषेक अग्रवाल हक्के-बक्के रह गए। हालांकि, दोपहर में जब स्थानीय व्यापार मंडल के बड़े नेता मनोज कौशल, संजय गुप्ता, अमित सेठ और राजेश अग्निहोत्री अभिषेक के घर पहुंचे, तो अधिकारियों ने उन्हें मिलने की इजाजत दी। अभिषेक अग्रवाल ने बाहर आकर घबराए हुए साथी व्यापारियों को आश्वस्त किया कि जांच सामान्य रूप से चल रही है और वे पूरा सहयोग कर रहे हैं।

शहर से बाहर रचित गुप्ता के घर पहुंची टीम, दामाद की मौजूदगी में बही-खाते जब्त
इधर कायमगंज के मोहल्ला लोकमन में भी DGGI की गाड़ियां दौड़ रही थीं। टीम जब बड़े कारोबारी रचित गुप्ता के निवास पर पहुंची, तो पता चला कि रचित अपनी पत्नी के साथ किसी काम से शहर से बाहर गए हुए हैं। घर पर केवल उनकी बुजुर्ग मां मौजूद थीं, जो अचानक इतने अधिकारियों को देखकर सहम गईं। स्थिति को संभालते हुए बुजुर्ग मां ने तुरंत अपने दामाद भगवानदीन गुप्ता को फोन कर मौके पर बुलाया। दामाद की मौजूदगी में अधिकारियों ने रचित गुप्ता के घर पर रखे तंबाकू कारोबार से जुड़े तमाम कागजात, बैंक पासबुक और लेनदेन की रसीदों को कब्जे में ले लिया और अपनी जांच आगे बढ़ाई।

करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़े जाने की आशंका
यह सर्वेक्षण और छापेमारी की कार्रवाई केवल आधे-एक घंटे की नहीं थी, बल्कि खबर लिखे जाने तक सभी ठिकानों पर अधिकारी डटे रहे। खरीद-बिक्री के डिजिटल रिकॉर्ड, कच्चे पर्चे, अघोषित स्टॉक और पिछले तीन सालों के वित्तीय ब्योरों की एक-एक लाइन को मैच किया गया। बाजार में यह चर्चा जोरों पर है कि करोड़ों रुपए के टर्नओवर को कागजों में छिपाकर भारी जीएसटी चोरी की जा रही थी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब पूरे उत्तर प्रदेश के गुटका और तंबाकू उद्योग से जुड़े सिंडिकेट में भारी हड़कंप मच गया है।



















