लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। इस भयानक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मासूम छात्रों की मौत से जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज में भी गहरा आक्रोश और मातम पसरा हुआ है। मंगलवार की शाम को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल नगर समिति के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। व्यापारियों, समाजसेवियों और आम जनता ने हाथों में जलती मोमबत्तियां थामकर एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन नजर आया।

दो मिनट के मौन से थमीं नगर की धड़कनें
इस भावुक श्रद्धांजलि मार्च की शुरुआत नगर के प्रमुख केंद्र शिवाजी मूर्ति से हुई। मार्च शुरू होने से पहले वहां मौजूद भारी भीड़ ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके बाद, गगनभेदी सन्नाटे के बीच हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों का हुजूम नगर के मुख्य बाजारों और रास्तों से गुजरते हुए आगे बढ़ा। यह कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ट्रांसपोर्ट चौराहे पर जाकर समाप्त हुआ, जहां सभी ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गुस्सा और मांग : “अब और नहीं सहेगा कोई परिवार, कोचिंग सेंटरों की गुंडागर्दी पर लगे लगाम”
कैंडल मार्च के दौरान वक्ताओं ने कोचिंग सेंटरों की लापरवाही पर तीखा गुस्सा जाहिर किया। नेताओं और व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अलीगंज की घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने प्रशासन से पुरजोर मांग की कि फर्रुखाबाद सहित पूरे प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और सार्वजनिक बिल्डिंगों की तुरंत फायर ऑडिट कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो व्यापारी समाज चुप नहीं बैठेगा।

शोक संतप्त परिवारों के लिए प्रार्थना और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
इस दुखद घड़ी में कायमगंज के लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री, नगर अध्यक्ष अमर गुप्ता, जिला संगठन मंत्री अजय वर्मा, मीडिया प्रभारी अभिषेक गुप्ता और नगर महामंत्री रिंकू कौशल सहित रिंकल गुप्ता, हर्षित वर्मा, गौरव वर्मा, सारांश शर्मा, विशाल गुप्ता, हेमंत गंगवार और डॉ. रजत गंगवार जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में पीड़ित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की और एक हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपना दुख दर्ज कराया।



















