बुधवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (उ.प्र.) के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता और भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री ने व्यापारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाया। मंडी लाइसेंस के नवीनीकरण (रिन्यूअल) में गारंटर को लेकर व्यापारियों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए, दोनों नेताओं ने मंडी सचिव से उनके कार्यालय में खास मुलाकात की। इस बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया और उनके समाधान पर गंभीर चर्चा हुई।
अब किसे देनी होगी गारंटी और किसे मिली छूट?
मंडी सचिव के साथ हुई इस अहम वार्ता में नियमों को बेहद सरल कर दिया गया है, जिससे आम व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। अब नए फैसले के मुताबिक, केवल उन्हीं लाइसेंसधारियों को नया गारंटर देना होगा जिनके पुराने गारंटी देने वालों की या तो मृत्यु हो चुकी है या फिर उनके लाइसेंस निरस्त (कैंसिल) हो गए हैं। सामान्य परिस्थितियों में किसी भी व्यापारी को कोई नई गारंटी देने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी।
5 साल और आजीवन लाइसेंस वालों की मौज, नहीं देने होंगे कागजात
व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जिन लोगों के पास 5 साल या आजीवन का मंडी लाइसेंस है, उन्हें रिन्यूअल के लिए अब कोई भी फालतू कागजात या प्रपत्र जमा नहीं करना होगा। व्यापारी नेताओं ने साफ कहा है कि किसी भी व्यापारी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर फिर भी किसी को लाइसेंस रिन्यूअल में कोई दिक्कत आती है, तो वे सीधे संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।



















