मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद कायमगंज में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामकिशन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार कन्नौजिया को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि अडाणी एंटरप्राइजेज का टेंडर खत्म होने के बाद भी उन्हें अप्रैल 2024 का वेतन नहीं दिया गया है। सैलरी न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने अब बड़े आंदोलन और काम बंद करने की चेतावनी दे दी है।
26 दिन की जगह करा रहे 30 दिन काम, नहीं मिल रहा ओवरटाइम
कर्मचारियों ने बिजली विभाग के सब-स्टेशनों की बदहाली को उजागर करते हुए कहा कि कार्यक्षेत्र बहुत बड़ा है, लेकिन काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। श्रम विभाग के नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों के लिए रोजाना 8 घंटे और महीने में 26 दिन का वेतन तय है। इसके बावजूद उनसे बिना किसी एक्स्ट्रा पेमेंट के 24 घंटे और पूरे 30 दिन काम लिया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उनसे कराए जा रहे अतिरिक्त कार्य का तुरंत भुगतान किया जाए।
बिना सेफ्टी इक्विपमेंट के जान जोखिम में डाल रहे लाइनमैन
कर्मचारियों का गुस्सा सिर्फ सैलरी को लेकर नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा को लेकर भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा लाइनमैन और एसएसओ को जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने, हेलमेट और टूलकिट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। बिना सेफ्टी गियर के काम करने की वजह से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है।
2 दिन का अल्टीमेटम : मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे क्षेत्र में बत्ती गुल
संविदा कर्मियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कंपनी दो दिनों के भीतर उनके बकाये वेतन का भुगतान करे। अगर दो दिन में उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो सभी संविदा कर्मचारी पूरी तरह से कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इसके बाद यदि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों की होगी। ज्ञापन सौंपते समय नावेद खां, भोला, मुकेश, पप्पू खां सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कड़कड़ाती गर्मी के इस मौसम में अगर यह हड़ताल होती है, तो पूरे कायमगंज और फर्रुखाबाद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।


















