फर्रुखाबाद : बहन से झगड़े के बाद मां ने डांटा, तीसरी क्लास के छात्र ने खिड़की से फंदा लगाकर की खुदकुशी

जनपद फर्रुखाबाद के जहानगंज क्षेत्र के गांव पट्टियां छेदा सिंह निवासी सुधीर दीक्षित के 8 वर्षीय मासूम बेटे गोपाल दीक्षित ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे गोपाल अपनी 10 साल की बड़ी बहन श्रद्धा के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान दोनों भाई-बहन में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और गुस्से में गोपाल ने बहन के बाल खींच दिए। घर लौटने पर जब मां ममता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने गोपाल को इस गलती के लिए डांट लगा दी।

कपड़े सुखाने गई थी मां, कमरे में लौटे ही उड़ गए होश

मां की डांट से मासूम गोपाल इस कदर आहत हुआ कि उसने खौफनाक कदम उठा लिया। बच्चों को डांटने के बाद मां ममता घर के बाहर कपड़े सुखाने के लिए चली गईं। कुछ देर बाद जब वह वापस कमरे में लौटीं, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला 8 साल का मासूम गोपाल कमरे की खिड़की में अंगोछा बांधकर फंदे पर लटका हुआ था। मां की चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर दौड़े। आनन-फानन में फंदे को काटकर बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इकलौते बड़े बेटे की मौत से परिवार में कोहराम, बिना पुलिस को बताए किया अंतिम संस्कार

गोपाल अपने घर का लाडला और इकलौता बड़ा बेटा था। उसकी तीन बहनें (रिया, श्रेया, श्रद्धा) और एक डेढ़ साल का छोटा भाई शिवाय है। मासूम की इस अचानक मौत से मां ममता बेसुध हैं और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार को परिजनों ने गमगीन माहौल में पांचाल घाट पर मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के लोग हैरान हैं और हर तरफ इसी घटना की चर्चा हो रही है।

जहानगंज पुलिस का बयान : कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार

जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को परिजनों की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई थी और न ही अस्पताल से कोई मेमो प्राप्त हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पीड़ित परिजन इस मामले में किसी भी तरह की जांच करवाना चाहते हैं या शिकायत दर्ज कराते हैं, तो पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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