फर्रुखाबाद : चाचूपुर में बबाल के बाद पहुंचे सांसद, शराब ठेका हटाने का फरमान – उपद्रवियों की खैर नहीं

जनपद फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव चाचूपुर जटपुरा में पिछले दिनों हुई हिंसा और पत्थरबाजी के बाद सोमवार शाम सांसद मुकेश राजपूत और अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य गांव पहुंचे। गांव में पसरे तनाव के बीच दोनों नेताओं ने जमीन पर उतरकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की और पूरे मामले की बारीकी से जानकारी ली। नेताओं ने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

शराब का ठेका बना विवाद की मुख्य वजह

सांसद मुकेश राजपूत ने मौके पर मौजूद एसडीएम अमृतपुर रवींद्र सिंह और एएसपी गिरीश कुमार सिंह से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि गांव के भीतर स्थित ‘देसी शराब का ठेका’ ही इस पूरे विवाद की जड़ है। सांसद ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि इस ठेके को आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि शराब के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फर्रुखाबाद
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला मौत का राज

युवक बृजेश की मौत को लेकर सांसद ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक बृजेश शराब के नशे में धुत था और पुलिया से नीचे गिरने की वजह से उसकी पसली टूट गई थी। अंदरूनी चोट और अधिक ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने के कारण उसकी जान चली गई। बता दें कि शनिवार शाम बृजेश का शव नाले के पास मिलने के बाद ही गांव में गुस्सा भड़क उठा था और लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे।

फर्रुखाबाद
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उपद्रवियों पर गिरेगी गाज, निर्दोषों को राहत

हिंसा और पत्थरबाजी की घटना पर सांसद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि चेहरे पर नकाब बांधकर पत्थर चलाने वाले गुंडों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सांसद ने ग्राम प्रधान, कोटेदार और पूर्व प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे अराजक तत्वों की पहचान करने में पुलिस की मदद करें। हालांकि, उन्होंने पुलिस को यह भी हिदायत दी कि कार्रवाई के नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए।

फर्रुखाबाद
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महिलाओं के आंदोलन को मिला समर्थन

गांव की महिलाओं ने काफी समय से शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा था। सांसद ने महिलाओं की पीड़ा को जायज ठहराते हुए कहा कि घर से दूध के लिए मिलने वाले पैसों से बच्चे और पुरुष शराब पी रहे हैं, जिससे परिवार बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिया कि ग्राम प्रधान से लिखित प्रस्ताव लेकर ठेके को गांव की आबादी से कम से कम 300 से 400 मीटर दूर भेजा जाए ताकि भविष्य में फिर कभी ऐसी नौबत न आए।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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