जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर में शौर्य और साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। शनिवार की देर शाम शिवाजी मूर्ति पर बजरंग दल और शिवशक्ति अखाड़ा के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महापुरुषों को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने की शपथ ली।
शिवाजी मूर्ति पर हुआ जलाभिषेक और भव्य माल्यार्पण
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद भक्तिमय और गौरवशाली ढंग से हुई। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले शिवाजी महाराज की मूर्ति की साफ-सफाई कर उन्हें स्नान कराया। इसके बाद बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख आकाश जी और शिवशक्ति अखाड़ा के जिला विधि प्रमुख प्रिंस ने महाराणा प्रताप के चित्र और शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘महाराणा प्रताप अमर रहें’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

सनातन धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान की प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के जिला गौसेवा प्रमुख नूतन चतुर्वेदी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने सिसोदिया वंश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि सनातन धर्म और स्वाभिमान के रक्षक थे। उन्होंने मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके और घास की रोटी खाना स्वीकार किया लेकिन धर्म से समझौता नहीं किया। नूतन जी ने उपस्थित युवाओं से आग्रह किया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लें और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
इन दिग्गज कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस गौरवशाली उत्सव में रत्नाभ, वक्षलास, शिवम वाल्मीकि, नगर सुरक्षा प्रमुख नितिन कश्यप और नगर सह संयोजक संदीप सक्सेना प्रमुख रूप से शामिल हुए। इनके अलावा सूरज हिन्दू, इशांक हिंदू, बब्बू हिन्दू, दिवाकर हिन्दू, अंशुल हिन्दू, दिलीप हिन्दू, अभिषेक हिन्दू, अखलेश राजपूत, बसंत हिन्दू और आर्यन हिन्दू सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महाराणा प्रताप के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।


















