फर्रुखाबाद की अदालत ने दो दशक पुराने हमले के मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने सुशील कुमार उर्फ करिया और रामनरेश को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे न भरने पर उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
वो खौफनाक शाम : 2004 में बाइक सवार पर हुई थी फायरिंग
यह मामला 14 मई 2004 का है, जब थाना कमालगंज के गांव सियांपुर निवासी शिवरतन बाइक से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और पहचान होते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में शिवरतन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने तफ्तीश के बाद सुशील, रामनरेश और मटरू लाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
लंबी कानूनी लड़ाई : सुनवाई के दौरान एक आरोपी की हो गई मौत
इंसाफ की यह डगर काफी लंबी रही। केस की सुनवाई के दौरान ही 8 मई 2024 को तीसरे आरोपी मटरू लाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला बाकी दो आरोपियों पर चलता रहा। आखिरकार 20 साल के लंबे इंतजार के बाद कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सुशील और रामनरेश को अपराधी माना और उन्हें जेल भेज दिया।


















