जनपद फर्रुखाबाद की अपर सत्र अदालत के न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह वर्मा ने हत्या के दोषी रामसरन को सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराधी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे चार महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
क्या था मामला : मामूली विवाद में ले ली थी जान
घटना कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रेमनगर की है। आपको बता दें कि 31 मार्च 2023 की शाम करीब 5 बजे नीरज अपने घर के बाहर बैठे थे। तभी गांव का रहने वाला रामसरन वहां आया और गाली-गलौज करने लगा। जब नीरज ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने जान से मारने की नीयत से टकोरा (धारदार हथियार) से उनके सिर और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस की प्रभावी पैरवी और कोर्ट की कार्रवाई
घटना के बाद नीरज के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआत में पुलिस ने जानलेवा हमले और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या की धारा में बदल दिया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। गवाहों के बयान और ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने रामसरन को दोषी पाया और आज उसे उसके किए की सजा सुना दी।


















