फर्रुखाबाद : योगी सरकार का बड़ा एक्शन, गैंगस्टर जुबैर के करीबी सुखवीर की 1.75 करोड़ की संपत्ति कुर्क – ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर साफ दिखने लगा है। कायमगंज पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर जुबैर खान के करीबी सहयोगी सुखवीर यादव पर शिकंजा कसा है। जुबैर खान और उसकी मां की 26 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने के ठीक तीन दिन बाद अब सुखवीर की अवैध तरीके से कमाई गई 1.75 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) कर लिया गया है।

कायमगंज
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भारी पुलिस बल के साथ घर हुआ सील

गुरुवार को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के आदेश पर प्रशासनिक टीम सुखवीर के गांव रुटौल पहुंची। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, सीओ राजेश द्विवेदी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। गांव में खलबली तब मच गई जब प्रशासन ने ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे इलाके में मुनादी कराई। पुलिस ने सुखवीर के आलीशान घर की दीवारों पर मुकदमे का विवरण लिखवाया और उसके बाद मुख्य द्वार को सील कर दिया। अलीगंज रोड पर स्थित उसकी कृषि भूमि पर भी प्रशासन ने ‘निषेध बोर्ड’ लगा दिया है।

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आलीशान मकान, खेत और 8 गाड़ियां जब्त

जब्त की गई संपत्तियों का ब्योरा बेहद चौंकाने वाला है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सुखवीर ने अपराध के जरिए करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी की थी। इसमें कायमगंज-अलीगंज रोड पर बना 65 लाख रुपए का दो मंजिला मकान और गांव रुटौल में स्थित करीब 45 लाख रुपए की उपजाऊ कृषि भूमि शामिल है। इतना ही नहीं, पुलिस ने सुखवीर के नाम पर रजिस्टर्ड 8 वाहनों को भी कुर्क किया है, जिनमें 7 ट्रक और 1 मोटरसाइकिल शामिल है। इन गाड़ियों की कुल कीमत लगभग 63.41 लाख रुपए आंकी गई है।

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बैंक खाते फ्रीज और अन्य सदस्यों पर नजर

कार्रवाई सिर्फ जमीन और गाड़ियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने सुखवीर और उसकी पत्नी ममता के विभिन्न बैंक खातों में जमा 2.03 लाख रुपये की राशि को भी फ्रीज कर दिया है। पुलिस जांच के मुताबिक, जुबैर खान के संगठित गिरोह में कुल 8 मुख्य सदस्य थे। जुबैर और मोबीन पहले ही सरेंडर कर चुके हैं, जबकि सुखवीर जेल में है। गिरोह के अन्य सदस्य—पुष्पेंद्र, आदेश, तारीख उर्फ तालिब और पवन—फिलहाल कोर्ट के स्टे पर हैं, जबकि रामनरेश अभी भी फरार है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराधियों को पनाह देने वालों और अवैध कमाई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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