फर्रुखाबाद जनपद के मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिजौरी के मजरा नगला मना निवासी एक युवक ने कथित तौर पर पुलिस उत्पीड़न और भुखमरी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
घर के सामने पेड़ से लटका मिला शव
मृतक प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को अपने घर के सामने बबूल के पेड़ पर मफलर का फंदा बनाकर जान दे दी। शनिवार सुबह जब परिजन बाहर निकले तो शव लटका हुआ देख कोहराम मच गया। आनन-फानन में शव को नीचे उतारा गया और पुलिस को सूचना दी गई।

जेब से मिला सुसाइड नोट, लगाए गंभीर आरोप
मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा गया है कि
मैं प्रमोद कुमार टीबी का मरीज हूं। मुझे हर दिन पुलिस परेशान करती है। हमारे तीर खाने को भी नहीं है। पुलिस के दबाव की वजह से हम आत्महत्या कर रहें हैं।
पत्नी ने भी लगाए पुलिस पर आरोप
मृतक की पत्नी मालती देवी ने भी पुलिस पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति बीमार थे और आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। पुलिस की कथित कार्रवाई ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
मनरेगा मजदूरी से चल रहा था परिवार
परिवार की हालत बेहद दयनीय बताई जा रही है। मालती देवी मनरेगा श्रमिक हैं और उसी मजदूरी से अपने चार बच्चों का पालन-पोषण करती थीं। गांव के लोग भी कभी-कभार मदद कर देते थे, लेकिन गरीबी हमेशा परिवार के साथ रही।
वारंट की बात, पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
इस मामले में मेरापुर थानाध्यक्ष राजीव पांडेय ने बताया कि प्रमोद कुमार के खिलाफ थाने में धारा 3/25 के तहत मामला दर्ज था और वारंट जारी किया गया था। पुलिस का कहना है कि वारंट की तामील कराना उनकी जिम्मेदारी थी, इसमें उत्पीड़न का कोई सवाल नहीं है।

सुसाइड नोट को बताया संदिग्ध
थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रमोद पढ़ा-लिखा नहीं था, इसलिए आशंका है कि किसी अन्य व्यक्ति ने सुसाइड नोट लिखकर उसकी जेब में रख दिया हो। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


















