लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद अब फर्रुखाबाद प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। लगातार दूसरे दिन सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार, सीओ सिटी अभय वर्मा और दमकल की भारी-भरकम टीम ने शहर के कोचिंग सेंटरों, होटलों और मॉल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। जेएनवी रोड स्थित कोचिंग सेंटर और भोलेपुर के आकाश इंस्टीट्यूट में जब टीम अचानक जांच के लिए पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि कई बड़े संस्थानों के पास न तो भवन का पास नक्शा था और न ही आग से बचने के पुख्ता इंतजाम।

अधिकारियों को देख रसोइया फरार, रेस्टोरेंट हुआ सील
प्रशासन की टीम जब एक होटल के बेसमेंट में चल रहे रेस्टोरेंट की जांच करने पहुंची, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। मौके पर रेस्टोरेंट का मालिक गायब था और वहां मौजूद दो कर्मचारी टीम को पूछताछ करता देख रसोई के पिछले दरवाजे से रफूचक्कर हो गए। सुरक्षा मानकों में इतनी बड़ी लापरवाही देखकर सिटी मजिस्ट्रेट भड़क गईं और उन्होंने तुरंत उस रेस्टोरेंट को सील करने के आदेश दे दिए। वहीं, एक अन्य मॉल, सैलून और रेस्टोरेंट के संचालक भी मौके पर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम और जरूरी कागजात नहीं दिखा पाए।
नक्शा और फायर NOC नहीं तो खैर नहीं, मिलेगी सख्त सजा
जांच का यह सिलसिला यही नहीं थमा, टीम इसके बाद आचार्य इंस्टीट्यूट भी पहुंची, जहां बेसमेंट की पार्किंग में कबाड़, जनरेटर और खुली पड़ी बिजली की वायरिंग देखकर सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने एफएसओ को तुरंत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने साफ शब्दों में सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि जब तक बिल्डिंग का नक्शा पास न हो और फायर सेफ्टी के मानक पूरे न हों, तब तक संस्थान न चलाएं। नियमों को ताक पर रखने वालों को सीधे सीलिंग और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।



















