शनिवार को जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत पुलिस ने अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए लगभग 29.01 लाख रुपए की कीमत के नशीले पदार्थों को कानपुर के एक ट्रीटमेंट प्लांट में नष्ट कर दिया। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को धार देने के लिए की गई है, ताकि समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सके।
बड़े अफसरों की मौजूदगी में ‘ऑपरेशन दहन’ सफल
पुलिस अधीक्षक (SP) आरती सिंह के सख्त निर्देशों पर इस पूरे मिशन का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी (CO) राजेश कुमार द्विवेदी ने किया। कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कानपुर के ‘बिल वर्ल्ड इनवॉयरमेंटल बीएमडब्ल्यू ट्रीटमेंट प्लांट’ में ऊंचे तापमान वाली भट्टी में इन नशीले पदार्थों को जलाया गया। इस दौरान कई उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नशे की खेप का पूरी तरह सुरक्षित निपटारा सुनिश्चित हो सके।
गांजा, अफीम और नशीला पाउडर बरामद
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कुल तीन बड़े मामलों से जुड़े माल का निस्तारण किया गया है। इसमें 58.022 किलोग्राम गांजा, भारी मात्रा में अफीम, डायजेपाम और कई प्रकार के घातक नशीले पाउडर शामिल थे। पुलिस का साफ कहना है कि थानों के मालखानों में जमा अवैध सामग्री को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नशा तस्करों की टूटेगी कमर, पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’
जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। ‘ऑपरेशन दहन’ का मुख्य उद्देश्य नशे की तस्करी पर लगाम लगाना और तस्करी के नेटवर्क की कमर तोड़ना है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नशे के अवैध धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी सख्त कार्रवाई और तेज होगी।


















