जनपद फर्रुखाबाद की रेवेन्यू बार एसोसिएशन कायमगंज ने यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियम-कानूनों के समर्थन में भारत सरकार के पक्ष में मजबूती से खड़ा होने का ऐलान किया है। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह को सौंपा।

अहम बैठक में सर्वसम्मति से हुआ प्रस्ताव पास
इस मुद्दे को लेकर रेवेन्यू बार एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक शुक्रवार, 30 जनवरी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विशेश्वर दयाल यादव एडवोकेट ने की। बैठक का संचालन महासचिव अवनीश कुमार गंगवार एडवोकेट ने किया। बैठक में मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा कि यूजीसी के नए नियम दलित और पिछड़े वर्ग के हित में हैं और इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी।

पुराने नियमों से हुआ सामाजिक अन्याय
ज्ञापन कहा गया कि पुराने नियमों और व्यवस्थाओं के चलते दलित एवं अन्य पिछड़ा वर्ग लंबे समय तक भेदभाव का शिकार रहा। उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ और कई मामलों में लोग मानसिक प्रताड़ना से टूटकर आत्मघाती कदम उठाने तक को मजबूर हुए। एसोसिएशन का कहना है कि अब समय आ गया है कि इस ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त किया जाए।

नए यूजीसी नियमों से मिलेगा प्रतिनिधित्व
रेवेन्यू बार एसोसिएशन कायमगंज, फर्रुखाबाद ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और यूजीसी द्वारा लाए गए नए नियम पिछड़े और दलित वर्ग को शिक्षा एवं संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का काम करेंगे। इससे सामाजिक संतुलन स्थापित होगा और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।

विरोध जारी रहा तो आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूजीसी नए नियमों का विरोध इसी तरह जारी रहा, तो अधिवक्ता वर्ग को विवश होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। साथ ही सरकार से अपील की गई कि सामाजिक न्याय की दिशा में उठाए गए इस कदम को कमजोर न किया जाए और नए यूजीसी नियमों को तुरंत लागू किया जाए।


















