फर्रुखाबाद जा रही उत्तर प्रदेश रोडवेज की एक बस में सफर के दौरान एक यात्री की अचानक हालत बिगड़ गई। दर्द से कराहते युवक की हालत लगातार खराब होती चली गई, लेकिन बस स्टाफ की लापरवाही के चलते समय पर इलाज नहीं मिल सका और युवक की मौत हो गई।
छोटे भाई के साथ लौट रहा था घर
मृतक की पहचान हरदोई जनपद की सवायजपुर तहसील के गांव बर्रा निवासी 33 वर्षीय गिरजा शंकर के रूप में हुई है। उनके छोटे भाई गौरी शंकर ने बताया कि दोनों भाई दिल्ली में बर्तन बेचना का काम करते थे। गिरजा शंकर की तबीयत दिल्ली में ही खराब हो गई थी, जिसके बाद वे उन्हें घर ले जाने के लिए बस से रवाना हुए थे।

ढाबे पर रुकी बस, पेट दर्द से कराहने लगा युवक
दिल्ली से चलकर फर्रुखाबाद जा रही साहिबाबाद डिपो की बस जब अलीगंज मार्ग पर सुम्मौर गांव के पास एक ढाबे पर रुकी, तभी गिरजा शंकर ने तेज पेट दर्द की शिकायत की। वे शौच के लिए नीचे उतरे और वापस बस में आकर बैठ गए, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। रास्ते में उनके शरीर में ऐंठन होने लगी और वे अचेत से हो गए।
कायमगंज बस स्टैंड पर उतारकर बस ले गए
जब बस कायमगंज बस स्टैंड पहुंची, तो चालक और परिचालक ने दोनों भाइयों को वहीं उतार दिया और बिना किसी मदद के बस लेकर चले गए। गौरी शंकर ने देखा कि उनके भाई के शरीर में कोई हरकत नहीं थी और वह पूरी तरह शिथिल पड़ चुके थे।

सीएचसी पहुंचते ही डॉक्टर ने किया मृत घोषित
घबराए छोटे भाई ने ई-रिक्शा की मदद से गिरजा शंकर को तत्काल कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां तैनात डॉक्टर जितेंद्र बहादुर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।


















