फर्रुखाबाद के शमशाबाद क्षेत्र स्थित दाई घाट गंगा तट पर लगे प्रसिद्ध रामनगरिया मेले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक संत की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए।
दमकल विभाग ने समय रहते संभाला मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही मेले में तैनात अग्निशमन वाहन के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हालांकि तब तक संत की झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।

गैस सिलेंडर लीक होने से हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग लगने की वजह गैस सिलेंडर का लीक होना था। शाहजहांपुर जिले के महोटा गांव निवासी बाबा धर्मदास दाई घाट पर कल्पवास कर रहे थे। घटना के वक्त वह अपनी झोपड़ी में गैस चूल्हे पर दूध गर्म कर रहे थे, तभी अचानक सिलेंडर से गैस लीक होने लगी और आग भड़क उठी।
20 हजार नकद समेत सारा सामान जलकर राख
आग की चपेट में आने से झोपड़ी में रखा करीब 20 हजार रुपये नकद, कीमती कपड़े, खाने-पीने का सामान, राशन और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं। झोपड़ी में रखा एक और भरा हुआ गैस सिलेंडर भी आग की जद में आ गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए थे।

जनहानि नहीं, पुलिस ने की पुष्टि
गनीमत रही कि इस दर्दनाक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। मेला कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज भाटी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर लीक होने से आग लगी थी। समय रहते दमकल की गाड़ियों ने आग को फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।


















