जनपद फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव कोरीखेड़ा में 10 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बुधवार शाम घर से खेलने निकला मासूम आशुतोष गुप्ता चार दिन तक लापता रहा, जिसके बाद रविवार को उसका शव गांव के बाहर खेत में मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई है।

घर से खेलने निकला, फिर नहीं लौटा
कोरीखेड़ा गांव निवासी चंद्रप्रकाश गुप्ता का 10 वर्षीय बेटा आशुतोष गुप्ता बुधवार शाम करीब 5:30 बजे घर से खेलने के लिए निकला था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने रिश्तेदारों और गांव में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका।

गुमशुदगी से अपहरण तक पहुंचा मामला
गुरुवार को पिता चंद्रप्रकाश गुप्ता ने जहानगंज थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे बाद में अपहरण की धाराओं में तरमीम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और हर संभावित एंगल पर काम शुरू किया।

CCTV, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन भी रहे फेल
थानाध्यक्ष राजेश राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले। शुक्रवार और शनिवार को कन्नौज से डॉग स्क्वॉड और ड्रोन कैमरे की मदद ली गई, लेकिन इसके बावजूद आशुतोष का कोई पता नहीं चल पाया। पुलिस ने गांव और आसपास के लोगों से भी लगातार पूछताछ की।

खेत में मिला कोट, फिर शव ने खोला राज
रविवार सुबह गांव निवासी रामस्वार्थ के खेत में कोटेदार पवन राजपूत पानी लगाने पहुंचे। खेत में एक बालक का कोट पड़ा देखकर उन्होंने इसकी सूचना आशुतोष के चाचा आदेश को दी। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर कोट की पहचान आशुतोष के रूप में की, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

600 मीटर दूर आलू के खेत में मिला शव
कोट मिलने के बाद आसपास तलाश की गई तो झांसी मार्ग के पास रंजीत शाक्य के आलू के खेत में आशुतोष का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आशुतोष अपने माता-पिता का तीसरा बेटा था, परिवार में एक बहन और तीन भाई हैं।

क्राइम सीन सील, फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश राय ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा और फोरेंसिक टीम पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को क्राइम सीन घोषित कर पीली पट्टी लगाकर सील किया और साक्ष्य जुटाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 10 दिसंबर को बालक की गुमशुदगी दर्ज हुई थी, जिसे बाद में अपहरण में बदला गया। शव गांव से करीब 600 मीटर दूर मिला है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में परिवार द्वारा बताए गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।


















