जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण हैं। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के वकीलों ने तहसील प्रशासन, विशेषकर उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार के कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वकीलों का आरोप है कि तहसील में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम पर है। बार एसोसिएशन का कहना है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और अधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन न्यायिक कार्यों से पूरी तरह विरत रहने और अदालतों का बहिष्कार करने का कठोर निर्णय लेना पड़ा है।

आम जनता को न्याय के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
वकीलों ने तहसील स्तर पर हो रही अव्यवस्थाओं की लंबी फेहरिस्त जारी की है। उनका कहना है कि ‘रियल टाइम खतौनी’ में लेखपालों द्वारा अंश का सही निर्धारण न करना और बिना रिश्वत के काम न होना आम बात हो गई है। इसके अलावा, पुराने आदेशों का पालन न करना, धारा 24 मेडबंदी में राजस्व संहिता के नियमों की अनदेखी करना और मुकदमों में मनमाने तरीके से तारीखें डालना बड़ी समस्याएँ बनी हुई हैं। वकीलों का यह भी दावा है कि दलालों का वर्चस्व बढ़ा है, जिससे आम वादी-प्रतिवादी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह सांकेतिक हड़ताल जारी रहेगी। वकीलों का आरोप है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित हुए लेखपालों को दोबारा उसी क्षेत्र में तैनात कर दिया जाता है, जिससे उनकी मनमानी और अधिक बढ़ जाती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाता है और जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।


















