फर्रुखाबाद में बुलेट सवारों की अब खैर नहीं है। अगर आपने अपनी बाइक में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा रखा है, तो तुरंत उसे हटवा लें। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने रोडवेज बस अड्डे के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने 54 वाहनों की जांच की और मोडिफाइड साइलेंसर वाली एक बुलेट को पकड़ा। बिना बीमा और अवैध साइलेंसर के चलते बाइक का 17 हजार रुपए का तगड़ा चालान काटा गया। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि साइलेंसर ठीक कराकर कार्यालय में निरीक्षण न कराने पर वाहन की आरसी (RC) सस्पेंड कर दी जाएगी।

वर्कशॉप संचालक भी न हों बेफिक्र, लगेगा 1 लाख का जुर्माना
प्रशासन केवल वाहन मालिकों पर ही नहीं, बल्कि इसे बढ़ावा देने वालों पर भी शिकंजा कस रहा है। एआरटीओ-प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने हाल ही में जनपद के सभी व्हीकल डीलर्स, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों की बैठक ली थी। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी गैराज मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर इंस्टॉल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर मोटरयान अधिनियम के तहत 1 लाख रुपए प्रति कंपोनेंट का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग द्वारा गैराजों का औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है।

अवैध साइलेंसर पड़ सकता है भारी, हो सकती है जेल की हवा
ध्वनि प्रदूषण फैलाना अब महंगा पड़ेगा। नियमानुसार, वाहनों में खतरनाक बदलाव करने या अवैध उपकरण लगाने पर 3 महीने तक की जेल या 10 हजार रुपए तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा ताकि शहर में शांति बनी रहे और यातायात नियमों का पालन हो। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहनों को कंपनी फिटेड रखें और चालान जैसी कानूनी कार्रवाई से बचें।


















