जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर स्थित प्रतिष्ठित शकुंतला देवी शिक्षण संस्थान में भारत के गणतंत्र की 77वीं वर्षगांठ अत्यंत हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। पूरा शिक्षण परिसर तिरंगे, देशभक्ति गीतों और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। विद्यार्थियों और शिक्षकों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी (SDM) अतुल जी का स्वागत संस्थान के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण अग्रवाल ने माल्यार्पण कर किया। वहीं संस्थान की डायरेक्टर मोनिका अग्रवाल ने बुके भेंट कर मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। सीबीएसई बोर्ड जूनियर विंग की प्रधानाचार्या नाहिद जाफरी ने मंच से सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।

छात्रों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
संस्थान की सभी शाखाओं—महाविद्यालय, इंटर कॉलेज, सीबीएसई जूनियर एवं सीनियर विंग—के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।

NCC की छात्राओं ने तिरंगे को गार्ड ऑफ ऑनर देकर कार्यक्रम को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

SDM ने बताया संविधान का महत्व
मुख्य अतिथि SDM अतुल जी ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के प्रमुख तथ्यों से अवगत कराया और नागरिक कर्तव्यों की जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक महोदया ने कहा कि
“देश के विकास के लिए ज्ञान और तकनीक का सही उपयोग बेहद जरूरी है, तभी गणतंत्र का असली अर्थ साकार होगा।”

सफल संचालन और विशिष्ट उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन अंशुल यादव एवं इशू सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक खटिक जी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुनील चक, संस्थान की समस्त विंग के प्रधानाचार्य डॉ. वेणु सिंह, नाहिद जाफरी, सुतीक्षण श्रीवास्तव, अनिल तिवारी, प्रभंजन कुमार, म्यूजिक टीचर्स श्रीमती ममता सिंह एवं नितिन शर्मा, एन.सी.सी.प्रमुख लेफ्टिनेट शिल्की मिश्रा, मनीष गौड़,संतोष शर्मा, अभिषेक राजपूत, सौम्या पाण्डेय, श्रुति शर्मा, क्रीड़ा प्रभारी राजीव गंगवार, सुनील मिश्रा, अंशू कटियार, नैन्सी शाक्य, प्रियल गंगवार,श्रीमति अनुराधा यादव , वैष्णवी मिश्रा, शालिनी दुबे, पूजा कपूर, मीना सिंह, नीतू सिंह, प्रिया सिंह, नमिता दुबे, चंद्रकांत यादव,पवन यादव आदि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल संविधान की जानकारी देना, बल्कि आज़ादी के संघर्ष के गौरवशाली इतिहास को याद कर कर्तव्यबोध जगाना भी रहा।



















